विश्व का एकमात्र भारतीय खिलाड़ी जिसने 1-2 बार नहीं बल्कि 4 बार ICC टूर्नामेंट में मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट का खिताब जीता है

क्रिकेट में रोजाना नए रिकॉर्ड बनते हैं और टूटते हैं लेकिन कुछ रिकॉर्ड ऐसे हैं जो शायद एक ही बार बन सकते हैं| हालांकि लोग यह कहते हैं कि सचिन तेंदुलकर के द्वारा बनाए गए सर्वाधिक रन का रिकॉर्ड कोई बल्लेबाज नहीं तोड़ सकता लेकिन खुद सचिन तेंदुलकर का भी यह मानना है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ी उनके कई रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं| लेकिन जो आज आप को रिकॉर्ड बताने वाले हैं वह विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर या फिर रोहित शर्मा से जुड़ा हुआ नहीं है|

हम बात कर रहे हैं एक ऐसे रिकॉर्ड की जो बेहद अनूठा और खास है| हम जिस खिलाड़ी की बात कर रहे हैं इस समय भारतीय टीम में शामिल नहीं है लेकिन उसके भूतकाल का अच्छा प्रदर्शन रिकॉर्ड बन कर सामने आ रहा है| जी हां हम बात कर रहे हैं भारतीय टीम से बाहर चल रहे युवराज सिंह की| युवराज सिंह के नाम आईसीसी के चार टूर्नामेंट में मैन ऑफ द टूर्नामेंट खिताब जीतने का अनूठा रिकॉर्ड दर्ज है| किसी भी बल्लेबाज के लिए ICC के टूर्नामेंट में एक मैन ऑफ द टूर्नामेंट ख़िताब जितना ही बेहद खास पल होता है लेकिन युवराज सिंह ने यह एक-दो बार नहीं बल्कि चार बार किया है| युवराज सिंह के अलावा दुनिया का कोई और खिलाड़ी यह कारनामा करने में असफल रहा है|

1996 में अंडर 15 वर्ल्ड कप

भारतीय अंडर 15 टीम ने 1996 में रतिन्धर सोढ़ी की कप्तानी में यह खिताब जीता था| फाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला पाकिस्तान से था जिसे भारतीय टीम ने 4 विकेट से अपने नाम कर लिया था| इस टूर्नामेंट में युवराज सिंह के अच्छे प्रदर्शन की वजह से उन्हें मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब मिला था|

सन 2000 में अंडर-19 वर्ल्ड कप

भारतीय टीम ने 2000 में अंडर-19 वर्ल्ड कप मोहम्मद कैफ की कप्तानी में जीता था| इस टूर्नामेंट में भी युवराज सिंह ने शानदार योगदान दिया था जिसकी वजह से उन्हें मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब मिला था| यह दूसरा मौका था जब उन्होंने किसी ICC के टूर्नामेंट में दूसरी बार मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता| उनके इसी अच्छे प्रदर्शन की वजह से उन्हें भारतीय टीम में जगह दी गई जिसके बाद उन्होंने अच्छे प्रदर्शन करने के साथ-साथ अपनी जगह बनाए रखें| लेकिन दुर्भाग्यवश आज वह भारतीय टीम का हिस्सा नहीं है|

2007 में टी-20 वर्ल्ड कप

नए नए कप्तान बने महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में 2007 में भारतीय टीम को टी ट्वेंटी वर्ल्ड कप जिताने में भूमिका निभाई थी| इस टूर्नामेंट में हालांकि सभी का प्रदर्शन अच्छा रहा था लेकिन सर्वाधिक अच्छा प्रदर्शन युवराज सिंह का रहा था जिसकी वजह से उन्हें एक बार फिर मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब मिला था| यह तीसरी बार था जब उन्हें तीसरी बार अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट का खिताब मिला हो| इसी टूर्नामेंट में युवराज सिंह ने एक ओवर में छह छक्के लगाने का कारनामा भी किया था जिसे आज 11 साल बाद भी कोई भारतीय नहीं भुला सकता है|

2011 में एक दिवसीय वर्ल्ड कप

महेंद्र सिंह धोनी ने शानदार कप्तानी जारी रखी और एक बार फिर भारतीय टीम को 28 साल बाद एक दिवसीय वर्ल्ड कप का खिताब जिताया| इस फाइनल में धोनी 90 रन की पारी खेली थी| साथी गौतम गंभीर ने भी 97 रन का योगदान दिया था| इस पूरे टूर्नामेंट में ऑलराउंडर अच्छा प्रदर्शन करने के लिए युवराज सिंह को मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब मिला| यह युवराज सिंह के जीवन का चौथा मैन ऑफ द टूर्नामेंट खिताब था|

युवराज सिंह का यह बेहद अनूठा रिकॉर्ड अभी तक कोई भी खिलाडी नहीं तोड़ पाया है| न ही पहले कभी किसी खिलाड़ी ने यह कारनामा किया है|

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